कैलोरी क्या है और शरीर को ऊर्जा कैसे प्रदान करती है?

कैलोरी क्या होती है? 7 जरूरी तथ्य, फायदे और वजन पर इसका प्रभाव

यदि आपने कभी वजन घटाने, डाइट प्लान, फिटनेस या पोषण से जुड़ी जानकारी पढ़ी है, तो आपने “कैलोरी” शब्द जरूर सुना होगा। अक्सर लोग कहते हैं कि वजन कम करने के लिए कैलोरी कम खानी चाहिए या वजन बढ़ाने के लिए ज्यादा कैलोरी लेनी चाहिए। लेकिन वास्तव में कैलोरी क्या होती है और इसका हमारे शरीर से क्या संबंध है, यह बहुत से लोगों को स्पष्ट रूप से पता नहीं होता।

सरल शब्दों में कहें तो कैलोरी ऊर्जा को मापने की एक इकाई है। हमारा शरीर सांस लेने, चलने-फिरने, सोचने, काम करने और यहां तक कि सोते समय भी ऊर्जा का उपयोग करता है। यह ऊर्जा हमें भोजन और पेय पदार्थों से प्राप्त होती है, जिसे कैलोरी के रूप में मापा जाता है।

हर खाद्य पदार्थ में कैलोरी की मात्रा अलग-अलग होती है। कुछ खाद्य पदार्थ कम कैलोरी में अधिक पोषण प्रदान करते हैं, जबकि कुछ खाद्य पदार्थ अधिक कैलोरी देते हैं लेकिन पोषण कम होता है। यही कारण है कि केवल कैलोरी की संख्या जानना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि वह कैलोरी किस प्रकार के भोजन से आ रही है।

इस लेख में हम आसान हिंदी में समझेंगे कि कैलोरी क्या होती है, शरीर में इसका क्या काम है, एक व्यक्ति को रोज कितनी कैलोरी की जरूरत होती है और वजन बढ़ाने या घटाने में कैलोरी की क्या भूमिका होती है।

भोजन से मिलने वाली ऊर्जा को कैलोरी के रूप में मापा जाता है, जो शरीर के सामान्य कार्यों के लिए आवश्यक होती है। MedlinePlus – Calories and Energy Balance

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कैलोरी ऊर्जा को मापने की एक इकाई है। जब हम कोई भोजन या पेय पदार्थ लेते हैं, तो हमारा शरीर उससे ऊर्जा प्राप्त करता है। इसी ऊर्जा की मात्रा को कैलोरी में मापा जाता है। दूसरे शब्दों में, कैलोरी यह बताती है कि किसी खाद्य पदार्थ से शरीर को कितनी ऊर्जा मिलेगी।

हमारा शरीर हर समय ऊर्जा का उपयोग करता रहता है। चाहे आप चल रहे हों, पढ़ाई कर रहे हों, काम कर रहे हों या आराम कर रहे हों, शरीर को इन सभी कार्यों के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा से प्राप्त होती है।

उदाहरण के लिए, यदि आप एक केला खाते हैं, तो उससे शरीर को कुछ मात्रा में कैलोरी मिलती है। इसी तरह चावल, रोटी, दूध, फल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ भी अलग-अलग मात्रा में कैलोरी प्रदान करते हैं।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि कैलोरी अपने आप में न अच्छी होती है और न बुरी। कैलोरी हमारे शरीर के लिए जरूरी ऊर्जा का स्रोत है। समस्या तब होती है जब हम अपनी आवश्यकता से बहुत अधिक या बहुत कम कैलोरी लेने लगते हैं।

सरल भाषा में कहें तो कैलोरी वह ऊर्जा है जो हमें भोजन से मिलती है और जिसकी मदद से हमारा शरीर हर दिन के जरूरी काम कर पाता है। इसलिए स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए कैलोरी की सही समझ होना बेहद जरूरी है।

कैलोरी ऊर्जा को मापने की इकाई है और शरीर को भोजन से प्राप्त ऊर्जा की मात्रा बताती है। NHS Understanding Calories

कैलोरी शरीर को ऊर्जा देने, मांसपेशियों को काम करने और दैनिक गतिविधियों को पूरा करने में मदद करती है

कई लोग कैलोरी को केवल वजन बढ़ने या घटने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वास्तव में कैलोरी का मुख्य काम शरीर को ऊर्जा प्रदान करना है। शरीर की हर छोटी-बड़ी गतिविधि के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह ऊर्जा कैलोरी से ही प्राप्त होती है।

शरीर को ऊर्जा देती है

कैलोरी का सबसे महत्वपूर्ण काम शरीर को ऊर्जा प्रदान करना है। हम जो भोजन खाते हैं, उसे शरीर पचाकर ऊर्जा में बदल देता है। इसी ऊर्जा की मदद से हम चल सकते हैं, काम कर सकते हैं और अपनी दैनिक गतिविधियां पूरी कर सकते हैं।

दैनिक गतिविधियों को चलाती है

सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम जो भी कार्य करते हैं, उनमें कैलोरी की आवश्यकता होती है। घर का काम करना, सीढ़ियां चढ़ना, पढ़ाई करना, कार्यालय में काम करना या बाजार जाना, इन सभी कार्यों के लिए शरीर ऊर्जा का उपयोग करता है।

व्यायाम और शारीरिक कार्यों में मदद करती है

जब हम दौड़ते हैं, व्यायाम करते हैं या कोई खेल खेलते हैं, तब शरीर को सामान्य से अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। यह अतिरिक्त ऊर्जा भी कैलोरी से ही मिलती है। यही कारण है कि शारीरिक रूप से सक्रिय लोगों की कैलोरी आवश्यकता आमतौर पर अधिक होती है।

शरीर के जरूरी कार्यों को जारी रखती है

भले ही आप आराम कर रहे हों या सो रहे हों, तब भी शरीर काम करना बंद नहीं करता। सांस लेना, दिल का धड़कना, शरीर का तापमान बनाए रखना और रक्त संचार जैसे महत्वपूर्ण कार्य लगातार चलते रहते हैं। इन कार्यों के लिए भी शरीर कैलोरी का उपयोग करता है।

यही कारण है कि कैलोरी केवल भोजन से जुड़ा एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि शरीर को सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक ऊर्जा का आधार है।

कैलोरी और ऊर्जा का संबंध बहुत सीधा है। वास्तव में कैलोरी ऊर्जा को मापने की एक इकाई है। जिस प्रकार दूरी को किलोमीटर में और वजन को किलोग्राम में मापा जाता है, उसी प्रकार भोजन से मिलने वाली ऊर्जा को कैलोरी में मापा जाता है।

जब हम भोजन करते हैं, तो हमारा पाचन तंत्र उस भोजन को छोटे-छोटे पोषक तत्वों में तोड़ता है। इसके बाद शरीर इन पोषक तत्वों का उपयोग ऊर्जा बनाने के लिए करता है। यही ऊर्जा हमें चलने, काम करने, सोचने, व्यायाम करने और शरीर के सभी आवश्यक कार्यों को करने में मदद करती है।

उदाहरण के लिए, यदि आप एक रोटी, एक कटोरी चावल या एक केला खाते हैं, तो इन सभी से शरीर को कुछ मात्रा में कैलोरी प्राप्त होती है। शरीर इन कैलोरी को ऊर्जा में बदलकर उपयोग करता है।

यदि आप जितनी कैलोरी खर्च करते हैं, उतनी ही कैलोरी लेते हैं, तो आमतौर पर आपका वजन स्थिर रहता है। यदि आप खर्च की गई कैलोरी से अधिक कैलोरी लेते हैं, तो अतिरिक्त ऊर्जा शरीर में जमा हो सकती है। वहीं यदि आप जरूरत से कम कैलोरी लेते हैं, तो शरीर ऊर्जा के लिए अपने संग्रहित भंडार का उपयोग करने लगता है।

इसी कारण वजन बढ़ाने, वजन घटाने और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने में कैलोरी और ऊर्जा के संबंध को समझना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सरल शब्दों में कहें तो कैलोरी वह ईंधन है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करके हर दिन सक्रिय बनाए रखती है।

उम्र, लिंग और गतिविधि स्तर के अनुसार एक व्यक्ति को रोज कितनी कैलोरी चाहिए

हर व्यक्ति की कैलोरी आवश्यकता एक जैसी नहीं होती। यह उम्र, लिंग, वजन, लंबाई, स्वास्थ्य स्थिति और शारीरिक गतिविधि के स्तर पर निर्भर करती है। जो व्यक्ति दिनभर शारीरिक मेहनत करता है, उसे आमतौर पर उस व्यक्ति की तुलना में अधिक कैलोरी की जरूरत होती है जो अधिकतर समय बैठकर काम करता है।

पुरुषों के लिए कैलोरी आवश्यकता

सामान्य रूप से एक स्वस्थ वयस्क पुरुष को प्रतिदिन लगभग 2,000 से 3,000 कैलोरी की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि यह संख्या उसकी जीवनशैली और गतिविधि स्तर के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है।

महिलाओं के लिए कैलोरी आवश्यकता

एक स्वस्थ वयस्क महिला को आमतौर पर प्रतिदिन लगभग 1,600 से 2,400 कैलोरी की आवश्यकता हो सकती है। गर्भावस्था और स्तनपान जैसी स्थितियों में कैलोरी की जरूरत बढ़ सकती है।

शारीरिक गतिविधि के अनुसार आवश्यकता

  • कम सक्रिय जीवनशैली वाले लोगों को अपेक्षाकृत कम कैलोरी की जरूरत होती है।
  • नियमित व्यायाम करने वालों को अधिक कैलोरी की आवश्यकता हो सकती है।
  • खिलाड़ियों और अधिक शारीरिक श्रम करने वाले लोगों की कैलोरी जरूरत सामान्य लोगों से काफी अधिक हो सकती है।

केवल कैलोरी की संख्या पर ध्यान न दें

कई लोग केवल कैलोरी गिनने पर ध्यान देते हैं, लेकिन कैलोरी का स्रोत भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। 500 कैलोरी फल, सब्जियों और पौष्टिक खाद्य पदार्थों से प्राप्त करना और 500 कैलोरी जंक फूड से प्राप्त करना स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है।

इसलिए केवल कैलोरी की मात्रा ही नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। संतुलित आहार और उचित कैलोरी सेवन स्वस्थ वजन और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कैलोरी क्या होती है यह जानना जरुरी है अगर आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते है तो वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।

हमारा शरीर भोजन से मिलने वाली कैलोरी का उपयोग ऊर्जा के रूप में करता है। लेकिन जब हम अपनी जरूरत से अधिक कैलोरी का सेवन करते हैं और उतनी ऊर्जा खर्च नहीं करते, तो अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जमा होने लगती है। समय के साथ यह वजन बढ़ने का कारण बन सकती है।

वजन बढ़ सकता है

कैलोरी अधिक लेने का सबसे सामान्य प्रभाव वजन बढ़ना है। यदि लंबे समय तक शरीर को उसकी आवश्यकता से अधिक ऊर्जा मिलती रहे, तो अतिरिक्त ऊर्जा वसा के रूप में संग्रहित होने लगती है। यही कारण है कि लगातार अधिक कैलोरी लेने से शरीर का वजन बढ़ सकता है।

शरीर में वसा जमा हो सकती है

अतिरिक्त कैलोरी केवल वजन ही नहीं बढ़ाती, बल्कि शरीर के विभिन्न हिस्सों में वसा जमा होने का कारण भी बन सकती है। विशेष रूप से पेट, कमर और जांघों के आसपास वसा जमा होने की संभावना बढ़ जाती है।

थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है

बहुत अधिक मात्रा में तला-भुना, मीठा या अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन खाने से कैलोरी तो अधिक मिलती है, लेकिन शरीर को जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते। इससे व्यक्ति को सुस्ती, भारीपन और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है

यदि लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा कैलोरी ली जाए और शारीरिक गतिविधि कम हो, तो मोटापा बढ़ने का जोखिम हो सकता है। मोटापा कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ा सकता है।

संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है

यह समझना जरूरी है कि कैलोरी अपने आप में समस्या नहीं है। समस्या तब होती है जब कैलोरी सेवन और कैलोरी खर्च के बीच संतुलन बिगड़ जाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए भोजन और शारीरिक गतिविधि के बीच संतुलन बनाकर रखना आवश्यक है। लंबे समय तक जरूरत से अधिक कैलोरी लेने से वजन बढ़ने और मोटापे का जोखिम बढ़ सकता है। CDC – Healthy Weight, Nutrition and Physical Activity

बहुत कम कैलोरी लेने से कमजोरी, थकान और ऊर्जा की कमी हो सकती है. इसलिए कैलोरी क्या होती है यह जानना जरुरी है।

जिस प्रकार जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता, उसी प्रकार बहुत कम कैलोरी लेना भी शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। शरीर को अपने सामान्य कार्यों के लिए एक निश्चित मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यदि यह ऊर्जा पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती, तो शरीर विभिन्न संकेत देने लगता है।

ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है

जब शरीर को जरूरत से कम कैलोरी मिलती है, तो सबसे पहले थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। व्यक्ति को सामान्य कार्य करने में भी अधिक मेहनत लग सकती है और पूरे दिन ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

वजन कम हो सकता है

यदि लगातार कैलोरी की कमी बनी रहती है, तो शरीर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए अपने संग्रहित भंडार का उपयोग करने लगता है। इससे वजन कम हो सकता है। हालांकि बहुत तेजी से वजन कम होना हमेशा स्वस्थ नहीं माना जाता।

मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है

लंबे समय तक बहुत कम कैलोरी लेने पर शरीर केवल वसा ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों का भी उपयोग ऊर्जा के लिए कर सकता है। इससे शरीर की ताकत और शारीरिक क्षमता प्रभावित हो सकती है।

एकाग्रता और कार्यक्षमता कम हो सकती है

मस्तिष्क को भी सही ढंग से काम करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। बहुत कम कैलोरी लेने पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

संतुलित कैलोरी सेवन जरूरी है

वजन घटाने का लक्ष्य होने पर भी अत्यधिक कम कैलोरी वाला आहार अपनाना सही नहीं माना जाता। स्वस्थ तरीके से वजन कम करने के लिए शरीर की जरूरत के अनुसार संतुलित कैलोरी और पौष्टिक भोजन लेना अधिक लाभदायक होता है।

इसलिए न तो जरूरत से बहुत ज्यादा कैलोरी लेनी चाहिए और न ही अत्यधिक कम। स्वस्थ शरीर के लिए संतुलन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।

अच्छी और खराब कैलोरी की तुलना जिसमें पौष्टिक भोजन और जंक फूड दिखाए गए हैं
सभी कैलोरी समान नहीं होतीं। भोजन की गुणवत्ता भी स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव डालती है।

तकनीकी रूप से देखें तो सभी कैलोरी ऊर्जा प्रदान करती हैं। एक कैलोरी, कैलोरी ही होती है। लेकिन स्वास्थ्य और पोषण के दृष्टिकोण से यह समझना महत्वपूर्ण है कि सभी खाद्य पदार्थ शरीर पर एक जैसा प्रभाव नहीं डालते। यही कारण है कि अक्सर “अच्छी कैलोरी” और “खराब कैलोरी” की बात की जाती है।

अच्छी कैलोरी क्या होती है?

अच्छी कैलोरी उन खाद्य पदार्थों से प्राप्त होती है जो ऊर्जा के साथ-साथ शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। इनमें विटामिन, खनिज, फाइबर, प्रोटीन और स्वस्थ वसा शामिल होते हैं।

अच्छी कैलोरी के स्रोत:

  • फल और सब्जियां
  • साबुत अनाज
  • दालें और फलियां
  • दूध और दही
  • मेवे और बीज
  • अंडे और मछली

ये खाद्य पदार्थ न केवल ऊर्जा देते हैं, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा रखने और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

खराब कैलोरी क्या होती है?

खराब कैलोरी ऐसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त होती है जिनमें कैलोरी अधिक होती है लेकिन पोषण कम होता है। इन्हें अक्सर “खाली कैलोरी” भी कहा जाता है।

खराब कैलोरी के स्रोत:

  • शक्कर वाले पेय पदार्थ
  • अधिक मीठे खाद्य पदार्थ
  • तले हुए स्नैक्स
  • फास्ट फूड
  • अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ

इन खाद्य पदार्थों से शरीर को ऊर्जा तो मिलती है, लेकिन आवश्यक पोषक तत्व बहुत कम मिलते हैं।

केवल कैलोरी नहीं, गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है

मान लीजिए दो भोजन 300 कैलोरी के हैं। यदि एक भोजन फल, दही और मेवों से बना है और दूसरा मीठे पेय तथा चिप्स से, तो दोनों का शरीर पर प्रभाव अलग होगा।

इसलिए स्वस्थ जीवनशैली के लिए केवल कैलोरी की संख्या गिनना पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि वे कैलोरी किस प्रकार के भोजन से आ रही हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए अधिकतर कैलोरी पौष्टिक और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।

कैलोरी के बारे में लोगों के बीच कई गलत धारणाएं प्रचलित हैं। सोशल मीडिया, अधूरी जानकारी और फैड डाइट्स की वजह से कई बार लोग कैलोरी को गलत तरीके से समझ लेते हैं। आइए कुछ आम भ्रमों और उनके पीछे की सच्चाई को जानते हैं।

Myth 1: वजन घटाने के लिए कैलोरी बिल्कुल कम कर देनी चाहिए

  • सच्चाई: वजन घटाने के लिए कैलोरी संतुलित रूप से कम करनी होती है, न कि बहुत ज्यादा। अत्यधिक कम कैलोरी लेने से कमजोरी, थकान और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।

Myth 2: सभी कैलोरी एक जैसी होती हैं

  • सच्चाई: हालांकि कैलोरी ऊर्जा की एक इकाई है, लेकिन भोजन की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है। फल, सब्जियां और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों से मिलने वाली कैलोरी का प्रभाव फास्ट फूड और मीठे पेय पदार्थों से मिलने वाली कैलोरी से अलग होता है।

Myth 3: वजन बढ़ने का कारण केवल कैलोरी होती है

  • सच्चाई: वजन पर कैलोरी के साथ-साथ शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव, हार्मोन और जीवनशैली का भी प्रभाव पड़ता है। केवल कैलोरी को ही जिम्मेदार मानना सही नहीं है।

Myth 4: कैलोरी केवल वजन घटाने वालों के लिए महत्वपूर्ण है

  • सच्चाई: कैलोरी हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। चाहे लक्ष्य वजन कम करना हो, वजन बढ़ाना हो या स्वस्थ रहना हो, सभी को अपनी ऊर्जा जरूरत के अनुसार कैलोरी की आवश्यकता होती है।

Myth 5: भोजन छोड़ने से कैलोरी कम होगी और वजन तेजी से घटेगा

  • सच्चाई: भोजन छोड़ना लंबे समय में सही रणनीति नहीं है। इससे भूख बढ़ सकती है और बाद में अधिक भोजन खाने की संभावना बढ़ जाती है। स्वस्थ वजन प्रबंधन के लिए संतुलित और नियमित भोजन अधिक प्रभावी माना जाता है।

कैलोरी को लेकर सही जानकारी होना जरूरी है। जब आप तथ्यों के आधार पर निर्णय लेते हैं, तो स्वस्थ वजन बनाए रखना और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त करना अधिक आसान हो जाता है।

कैलोरी हमारे शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। हम जो भी भोजन और पेय पदार्थ लेते हैं, उनसे मिलने वाली ऊर्जा को कैलोरी के रूप में मापा जाता है। चलने-फिरने, काम करने, सोचने और यहां तक कि सांस लेने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए भी शरीर को कैलोरी की जरूरत होती है।

हालांकि स्वस्थ जीवन के लिए केवल कैलोरी की मात्रा ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि कैलोरी किस प्रकार के भोजन से प्राप्त हो रही है। पौष्टिक खाद्य पदार्थों से मिलने वाली कैलोरी शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ आवश्यक विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्व भी प्रदान करती है।

यदि आप अपनी आवश्यकता से अधिक कैलोरी लेते हैं, तो वजन बढ़ सकता है। वहीं बहुत कम कैलोरी लेने से कमजोरी, थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए स्वस्थ वजन और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए कैलोरी सेवन और शारीरिक गतिविधि के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।

याद रखें, स्वस्थ जीवनशैली का लक्ष्य केवल कैलोरी गिनना नहीं होना चाहिए, बल्कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी आदतों के माध्यम से शरीर को सही पोषण प्रदान करना होना चाहिए।

1. कैलोरी क्या होती है?

कैलोरी ऊर्जा को मापने की एक इकाई है। भोजन और पेय पदार्थों से मिलने वाली ऊर्जा को कैलोरी में मापा जाता है।

2. शरीर को कैलोरी की आवश्यकता क्यों होती है?

शरीर को चलने-फिरने, सोचने, सांस लेने, भोजन पचाने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है, जो कैलोरी से प्राप्त होती है।

3. एक व्यक्ति को रोज कितनी कैलोरी चाहिए?

यह उम्र, लिंग, वजन और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है। सामान्यतः वयस्क पुरुषों को 2,000–3,000 और महिलाओं को 1,600–2,400 कैलोरी प्रतिदिन की आवश्यकता हो सकती है।

4. क्या सभी कैलोरी एक जैसी होती हैं?

ऊर्जा के हिसाब से कैलोरी समान होती है, लेकिन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भोजन की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। पौष्टिक खाद्य पदार्थों से मिलने वाली कैलोरी अधिक लाभदायक मानी जाती है।

5. ज्यादा कैलोरी लेने पर क्या होता है?

यदि शरीर की जरूरत से अधिक कैलोरी ली जाए और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न हो, तो अतिरिक्त ऊर्जा वसा के रूप में जमा हो सकती है, जिससे वजन बढ़ सकता है।

6. वजन घटाने के लिए क्या कैलोरी कम करनी जरूरी है?

वजन घटाने के लिए आमतौर पर शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली कैलोरी से थोड़ी कम कैलोरी लेना आवश्यक माना जाता है। हालांकि बहुत कम कैलोरी वाला आहार अपनाना स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं होता।

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